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نام کتاب : تفسير التبيان نویسنده : الشيخ الطوسي    جلد : 1  صفحه : 105

‌يعني‌ انتصروا بكعب‌ و استغاثوا بهم‌.

و شهداء جمع‌ شهيد: مثل‌ شريك‌ و شركاء و خطيب‌ و خطباء. و الشهيد: يسمي‌ ‌به‌ الشاهد ‌علي‌ الشي‌ء لغيره‌ ‌بما‌ يحقق‌ دعواه‌. و ‌قد‌ يسمي‌ ‌به‌ المشاهد للشي‌ء. ‌کما‌ يقال‌: جليس‌ فلان‌. يريد ‌به‌ مجالسه‌ و منادمه‌. فعلي‌ ‌هذا‌ تفسير ‌إبن‌ عباس‌ أقوي‌.

و ‌هو‌، ‌أن‌ معناه‌ استنصروا أعوانكم‌ ‌علي‌ ‌أن‌ يأتوا بمثله‌، و شهداءكم‌ ‌الّذين‌ يشاهدونكم‌ و يعاونونكم‌ ‌علي‌ تكذيب‌ اللّه‌ و رسوله‌، و يظاهرونكم‌ ‌علي‌ كفركم‌ و نفاقكم‌ ‌إن‌ كنتم‌ محقين‌. و ‌ما قاله‌ مجاهد و ‌إبن‌ جريح‌ ‌في‌ تأويل‌ ‌ذلک‌ ‌لا‌ وجه‌ ‌له‌، لأن‌ القوم‌ ‌علي‌ ثلاثة اصناف‌: فبعضهم‌ اهل‌ ايمان‌ صحيح‌. و بعضهم‌ أهل‌ كفر صحيح‌. و بعضهم‌ أهل‌ نفاق‌. فأهل‌ الايمان‌ ‌إذا‌ كانوا مؤمنين‌ باللّه‌ و رسوله‌، ‌فلا‌ يجوز ‌ان‌ يكونوا شهداء للكفار ‌علي‌ ‌ما يدعونه‌. و اما اهل‌ النفاق‌ و الكفر ‌فلا‌ شك‌ انهم‌ ‌إذا‌ دعوا ‌الي‌ تحقيق‌ الباطل‌ و إبطال‌ الحق‌، سارعوا اليه‌ ‌مع‌ كفرهم‌ و ضلالتهم‌. فمن‌ ‌ أي ‌ الفريقين‌ كانت‌ تكون‌ شهداء. لكن‌ يجري‌ ‌ذلک‌ مجري‌ ‌قوله‌: «قُل‌ لَئِن‌ِ اجتَمَعَت‌ِ الإِنس‌ُ وَ الجِن‌ُّ عَلي‌ أَن‌ يَأتُوا بِمِثل‌ِ هذَا القُرآن‌ِ لا يَأتُون‌َ بِمِثلِه‌ِ وَ لَو كان‌َ بَعضُهُم‌ لِبَعض‌ٍ ظَهِيراً»[1] و ‌قد‌ أجاز قوم‌ ‌هذا‌ الوجه‌ أيضاً قالوا: لأن‌ العقلاء ‌لا‌ يجوز ‌أن‌ يحملوا نفوسهم‌ ‌علي‌ الشهادة ‌بما‌ يفتضحون‌ ‌به‌ ‌في‌ كلام‌ ‌أنه‌ مثل‌ القرآن‌ و ‌لا‌ ‌يکون‌ مثله‌. ‌کما‌ ‌لا‌ يجوز ‌ان‌ يحملوا نفوسهم‌ ‌علي‌ ‌ان‌ يعارضوا ‌ما ليس‌ بمعارض‌ ‌في‌ الحقيقة.

و معني‌ ‌الآية‌: ‌إن‌ كنتم‌ ‌في‌ شك‌ ‌من‌ صدق‌ ‌محمّد‌ ‌صلي‌ اللّه‌ ‌عليه‌ و آله‌ فيما جاءكم‌ ‌به‌ ‌من‌ عندي‌، فاتوا بسورة ‌من‌ مثله‌، فاستنصروا بعضكم‌ بعضاً ‌علي‌ ‌ذلک‌ ‌إن‌ كنتم‌ صادقين‌ ‌في‌ زعمكم‌ ‌حتي‌ ‌إذا‌ عجزتم‌ و علمتم‌ انه‌ ‌لا‌ يقدر ‌علي‌ ‌ان‌ يأتي‌ ‌به‌ ‌محمّد‌ «ص‌»، و ‌لا‌ احد ‌من‌ البشر يتضح‌ عندكم‌ انه‌ ‌من‌ عند اللّه‌ ‌تعالي‌

‌قوله‌ ‌تعالي‌: [‌سورة‌ البقرة (2): آية 24]

فَإِن‌ لَم‌ تَفعَلُوا وَ لَن‌ تَفعَلُوا فَاتَّقُوا النّارَ الَّتِي‌ وَقُودُهَا النّاس‌ُ وَ الحِجارَةُ أُعِدَّت‌ لِلكافِرِين‌َ (24)

المعني‌:

معني‌ «فَإِن‌ لَم‌ تَفعَلُوا» ‌لم‌ تأتوا بسورة ‌من‌ مثله‌-‌ و ‌قد‌ تظاهرتم‌ أنتم‌


[1] ‌سورة‌ أسري‌: آية 88.
نام کتاب : تفسير التبيان نویسنده : الشيخ الطوسي    جلد : 1  صفحه : 105
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